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केन-बेतवा लिंक परियोजना से अब यूपी वाले हिस्से में कार्यों ने पकड़ी तेजी।

IMG 20250205 103010 466 1केन-बेतवा लिंक परियोजना से अब यूपी वाले हिस्से में कार्यों ने पकड़ी तेजी।

जनपद में केन नहर प्रणाली के सुदृढ़ीकरण के लिए केंद्र से 800 करोड़ रुपये मिले हैं। बांदा व पैलानी में केन नदी में प्रस्तावित बैराजों के निर्माण का भी काम आगे बढ़ा है। पैलानी बैराज की डिजाइन को केंद्रीय जल आयोग ने पास कर दिया है। अब केन बेतवा लिंक परियोजना कार्यालय से डीपीआर बनाकर भेजा जा रहा है। मार्च तक बजट आने के बाद इस पर तेजी से कार्य शुरू हो जाएगा।

वर्ष 2022 में केन-बेतवा लिंक परियोजना से जिले में दो बैराज के निर्माण को हरी झंडी मिल गई थी। दोनों ही केन नदी पर बनाए जाने हैं। पहला बांदा शहर के निकट भूरागढ़ और दूसरा पैलानी क्षेत्र में केन व चंद्रावल नदी के मिलान के करीब बनना है। करीब दो हजार करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इन बैराज से सूखाग्रस्त बुंदेलखंड की 1,92,479 हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई होगी और जिले के करीब 20 लाख लोगों को पीने का साफ पानी मिलेगा। केन-बेतवा लिंक परियोजना के स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक पैलानी में बनने वाले बैराज का डिजाइन तैयार हो गई है। केंद्रीय जल आयोग ने इसे फाइनल (पास) कर दिया है।

 

*करीब छह माह पहले अधिकारियों ने डिजाइन तैयार कर आयोग को भेजा था।*

अब यहां से बैराज के लिए डीपीआर बनाकर जल्द भेजा जाएगा। डीपीआर स्वीकृत होने के बाद बजट आवंटित हो जाएगा। अधिकारियों की मानें तो मार्च तक बजट आने की संभावना है। इसके बाद पैलानी में बैराज बनाने के लिए टेंडर आदि की प्रक्रिया शुरू होगी। वहीं जिले की केन नहर प्रणाली के सुदृढ़ीकरण के लिए केंद्र से आठ सौ करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसमें 12 फरवरी को कार्यदायी संस्थाओं के साथ अनुबंध होगा और फिर नहरों के कायाकल्प का काम शुरू होगा।

 

 

इर्रीगेशन के जरिए होगी फसलों की सिंचाई

पैलानी तहसील क्षेत्र में अभी फसलों की सिंचाई राजकीय व निजी नलकूपों के भरोसे है। यहां पंप कैनाल तो है, पर उससे किसानों को समय से पानी नहीं मिल पाता है। केन-बेतवा लिंक परियोजना के अधिकारियों के मुताबिक पैलानी में बैराज 130 एमसीएम (मिलियन क्यूबिक मीटर) पानी इकट्ठा होगा। यहां से पानी खेतों तक पहुंचाया जाएगा। करीब 44 हजार हेक्टेयर खेतों की सिंचाई आसानी से होगी। इसी तरह बांदा के बैराज से करीब सवा लाख हेक्टेयर फसलों की सिंचाई करने का लक्ष्य है। वहीं शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के करीब 20 लाख लोगों को पीने का शुद्ध पानी भी मुहैया होगा।

 

-केन-बेतवा लिंक परियोजना से बांदा व पैलानी में बैराज प्रस्तावित हैं। पैलानी बैराज की डिजायन पास हो गई है। सीडब्ल्यूसी को अब डीपीआर बनाकर भेजी जा रही है। इसके बाद बजट आएगा और पैलानी में बैराज बनाने का काम शुरू हो जाएगा। -जितेंद्र कुमार, अधिशासी अभियंता, केन-बेतवा लिंक परियोजना, बांदा

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